आज के समय में सोशल मीडिया, ब्रांड्स के लिए अपने ऑनलाइन मार्केटिंग का सबसे प्रभावशाली प्लेटफॉर्म है. यह न केवल उनकी कंपनी के प्रोडक्ट्स के प्रचार का साधन है, बल्कि ग्राहकों से जुड़ने, उनकी राय जानने और ब्रांड की पहचान बनाने का एक मजबूत माध्यम भी है. फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म पर ब्रांड लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले इन्फ्लुएंसर्स के साथ कोलैब करके कई लोगों तक अपने ब्रांड की पहचान बना लेते है. पुराने विज्ञापन के तरीके से ये तारिका ज्यादा सस्ता पड़ता है. पारंपरिक विज्ञापन की तुलना में यह कम खर्चीला और अधिक असरदार तरीका है. इसमें कई इन्फ्लुएंसर बड़े-बड़े ब्रांड के साथ कोलैब करते हैं. इनमें से एक इन्फ्लुएंसर ने अपने एक वीडियो से सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है.
जानें क्या है मामला?
दरअसल, दुबई में रहने वाले एक भारतीय मूल के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने एक वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट की., जिसमें ब्रांड और पीआर एजेंसी के बारे में खुलासा किया. ब्रांड और पीआर एजेंसी अभी भी इन्फ्लुएंसर की वैल्यू नहीं समझती और उनके इतनी कम कीमत लगती है कि उसे बोलने में भी अजीब लगे.
इन्फ्लुएंसर ने क्या कहा?
इन्फ्लुएंसर ने अपने वीडियो में कहा, “अगर आज मेरी खुद की ब्रांड या पीआर कंपनी होती तो मैं कभी भी इन्फ्लुएंसर को, जो आज के समय में इतने प्रभावशाली हैं उनके मेहनत की इतनी कीमत नहीं लगता क्योंकि इससे उनकी क्रिएटिविटी और मेहनत का मजाक उड़ाने जैसा है.” उन्होंने इस बात को खुल के लोगों के सामने तब पेश किया, जब उन्हें एक ब्रांड ने AED 150 (लगभग ₹3,600) का ऑफर दिया, उन्हें इंस्टाग्राम पर एक रील बनाने का और कुछ स्टोरी डालने का काम दिया गया था. इन्फ्लुएंसर को उसके काम की ब्रांड का इतनी कम कीमत लगाना अपमानजनक लगा.
Instagram पर यह पोस्ट देखें
उन्होंने कहा कि आज कल बड़ी-बड़ी कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की, अपनी कंपनी के प्रमोशन के लिए उनकी मार्केटिंग के लिए इन्फ्लुएंसर पर निर्भर होते हैं, फिर भी ब्रांड्स की जब पैसे देने की बारी होती है तो उनकी हालत खराब होती है. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @rohitbhidu नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया. उन्होंने ये भी शेयर किया कि पीआर एजेंसी जो ब्रांड और इन्फ्लुएंसर के बीच पुल का काम करती है वो उसके बीच का आधा पैसा अपनी जेब में भर लेती हैं.
उन्होंने वीडियो में कहा, “भाई, थोड़ा समझो भी. तुम्हें अपने काम के लिए कमीशन चाहिए, लेकिन इतना ज्यादा कि क्रिएटर के पास कुछ बचे ही नहीं.” उनके इस बयान पर काफी लोगों ने सहमति जतायी. ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
‘अनुभवी क्रिएटर्स भी हैं परेशान’
वीडियो में रोहित ने बताया कि उनके एक दोस्त , जो पिछले लगभग 12 सालों से इस क्षेत्र में हैं, उन्हें अभी कुछ समय पहले एक बड़े ब्रांड ने सिर्फ AED 3,000 (लगभग ₹72,000) ऑफर किए, जबकि काम बेहद जादा था- जैसे शूटिंग, लोकेशन, एडिटिंग और प्रमोशन तक.
ट्रेंड में आया #PayCreatorsFairly का हैशटैग
इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर #PayCreatorsFairly जैसा ट्रेंड चल पड़ा और धीरे-धीरे और भी क्रिएटर्स ने अपनी बात रखे हुए इस मुद्दे पर वीडियो शेयर की है.
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