लाखों लोग ऑनलाइन मीटिंग के लिए ZOOM का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वालों के लिए सरकार ने चेतावनी जारी है. भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) को जूम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म के कुछ वर्जन में कई सुरक्षा खामियां मिली हैं. यह खामियां विंडोज, मैकओएस, आईओएस और एंड्रॉयड जैसे सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद हैं.
सरकार के मुताबिक, इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स जूम रूम तक अनऑथराइज्ड एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं. इसके साथ साथ दूर बैठकर मलिशियस कोड भी एग्जीक्यूट कर सकते हैं. हाल ही में जारी किए गए एक अपडेट में इस समस्या का हल भी बताया गया है और जूम यूजर्स को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी गई है.
सरकारी एजेंसी ने जूम यूजर्स को दी ये चेतावनी
अपने लेटेस्ट नोट CIVN-2025-0261 में CERT-In जूम यूजर्स को कुछ खामियों को दिखाया है और इसे जल्द से जल्द फिक्स करने की सलाह दी है. ये सुरक्षा खामियां जूम के विंडोज, मैकओएस, एंड्रॉयड और आईओएस वर्जन 6.5.1 में पाई गई हैं. इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स संवेदनशील जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं. हैकर्स मीटिंग्स और कॉन्फिगरेशन डेटा तक अनऑथराइज्ड एक्सेस कर सकते हैं. हालांकि, कंपनी ने 14 अक्टूबर को जारी एक अपडेट में इन खामियों को दूर कर दिया है.
CERT-In ने बताया-क्या हुई दिक्कत
CERT-In ने यूजर्स से अपील की है कि वे जूम का लेटेस्ट वर्जन अपडेट कर लें. इससे उन्हें साइबर अटैक से खुद को बचाने में मदद मिलेगी. CERT-In ने बताया कि यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा कमजोरियां मुख्य रूप से अनुचित इनपुट सैनिटाइजेशन और सेशन वेलिडेशन की कमी के कारण मौजूद हैं. इसका मतलब है कि यह विशेष जूम वर्जन जूम रूम में शामिल होने वाले यूजर की आईडी को सही तरीके से मान्य नहीं करता. साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म यूजर्स द्वारा दिया गया इनपुट डेटा सिस्टम में डालने से पहले ठीक से फिल्टर या ट्रांसफॉर्म नहीं कर पाया.
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