अगर आप उन लोगों में हैं जिन्हें जिंदगी में एडवेंचर चाहिए और खर्च की परवाह नहीं, तो यह खबर आपको जरूर रोमांचित करेगी. अंतरिक्ष की सैर करना कई लोगों का सपना होता है और अब यह सपना हकीकत के बेहद करीब पहुंच गया है. आने वाले वर्षों में आप चांद पर बने होटल में ठहरकर छुट्टियां मना सकेंगे. कैलिफोर्निया का एक स्टार्टअप 2032 तक चंद्रमा पर स्थायी होटल बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है.
चांद पर बनने जा रहा दुनिया का पहला स्थायी होटल
कैलिफोर्निया स्थित स्टार्टअप Galactic Resource Utilization (GRU) Space ने चांद पर होटल बनाने की आधिकारिक घोषणा की है. दावा किया जा रहा है कि यह चंद्रमा पर बनने वाला दुनिया का पहला ऐसा होटल होगा, जहां मेहमान न सिर्फ जा सकेंगे बल्कि वहां रुक भी पाएंगे. कंपनी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.इस महत्वाकांक्षी योजना में Nvidia, SpaceX, Y Combinator और डिफेंस टेक कंपनी Anduril जैसे बड़े नाम भी सहयोग कर रहे हैं.
कितनी होगी कीमत और कैसे होगी बुकिंग?
GRU के संस्थापक 21 वर्षीय इंजीनियर स्काइलर चान हैं. उन्होंने बताया कि होटल के लिए प्री-बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है. चांद पर होटल में रुकने के लिए पहले चरण में करीब 10 लाख डॉलर (लगभग 9.2 करोड़ रुपये) देकर जगह रिजर्व कराई जा सकती है.कंपनी का लक्ष्य है कि 2032 में होटल पहले मेहमानों के लिए खोल दिया जाए. यहां एक रात के ठहरने का शुरुआती किराया 4,10,000 डॉलर (करीब 3.7 करोड़ रुपये) होगा. खास बात यह है कि GRU की वेबसाइट पर भारतीय रुपये में भी बुकिंग का विकल्प मौजूद है, जहां आवेदन शुल्क लगभग 93,796 रुपये बताया गया है.
चांद की मिट्टी से बनेगा होटल
कंपनी का दावा है कि यह होटल चंद्रमा की मिट्टी (Lunar Soil) से तैयार किया जाएगा. अब तक अंतरिक्ष में बने सभी ढांचे पृथ्वी से ले जाए गए सामान से बनाए गए हैं, लेकिन यह पहली बार होगा जब चांद की मिट्टी का इस्तेमाल निर्माण में किया जाएगा. मिट्टी को विशेष तकनीक से तैयार किया जाएगा, जिससे निर्माण संभव हो सके. इससे लागत कम होगी और पृथ्वी से भारी सामान ले जाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.
स्पेस एक्सप्लोरेशन में खुलेंगे नए रास्ते
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो यह अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है. चांद पर होटल बनने के बाद वहां रिसर्च सेंटर और अन्य स्थायी संरचनाएं भी विकसित की जा सकेंगी. इतना ही नहीं, यही पहल भविष्य में मंगल ग्रह पर इंसानी बसावट की दिशा में पहला कदम बन सकती हैय संभव है कि आने वाले एक दशक में इंसान पृथ्वी से बाहर भी घर बनाने की ओर बढ़ चुका हो.
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