डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां हर काम ऑनलाइन हो रहा है, वहीं साइबर अपराधों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं. अब ठग केवल बैंक अकाउंट या क्रेडिट कार्ड तक सीमित नहीं रहे. उन्होंने अब PAN कार्ड को भी निशाना बना लिया है. यह वही दस्तावेज है जो आपकी वित्तीय पहचान (Financial Identity) से जुड़ा होता है और टैक्स, बैंकिंग, निवेश, लोन जैसे हर काम में इस्तेमाल किया जाता है.
सरकार का कहना है कि अगर आप सावधान नहीं हुए तो कोई व्यक्ति आपके नाम पर फर्जी अकाउंट खोल सकता है, क्रेडिट कार्ड जारी करा सकता है या किसी कंपनी में डायरेक्टर बनकर आपके नाम से टैक्स फ्रॉड कर सकता है. ऐसे मामलों में निर्दोष व्यक्ति को भी कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
नाम, जन्मतिथि और सिग्नेचर से बढ़ा खतरा
PAN कार्ड पर व्यक्ति की सभी अहम जानकारियां होती हैं. जैसे नाम, जन्मतिथि, फोटो, PAN नंबर और सिग्नेचर. यानी किसी की पूरी वित्तीय पहचान इसी कार्ड से जुड़ी होती है. ऐसे में अगर यह जानकारी गलत हाथों में चली जाए तो इसका दुरुपयोग बेहद आसान हो जाता है.
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधी इन जानकारियों की मदद से आपके नाम पर फर्जी कंपनियां रजिस्टर कराते हैं, बैंक अकाउंट खोलते हैं और लोन लेकर फरार हो जाते हैं. कई मामलों में पीड़ित को तब पता चला जब उन्हें टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस आया कि उनके नाम पर करोड़ों का ट्रांजेक्शन हुआ है.
PAN कार्ड फ्रॉड की पहचान कैसे करें?
अगर आपको संदेह है कि आपके PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है तो सबसे पहले अपना CIBIL या क्रेडिट स्कोर चेक करें. CIBIL, Experian और Equifax जैसी क्रेडिट ब्यूरो एजेंसियां आपके नाम पर किए गए सभी लोन, क्रेडिट कार्ड और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शनों का रिकॉर्ड रखती हैं.
अगर रिपोर्ट में कोई ऐसा लोन या अकाउंट दिखे जो आपने नहीं लिया तो यह फ्रॉड का साफ संकेत है. ऐसी स्थिति में तुरंत आयकर विभाग की हेल्पलाइन से संपर्क करें. नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं या अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को फ्रीज या अपडेट करें ताकि आगे और नुकसान न हो.
फॉर्म 26AS से भी करें जांच
PAN के गलत इस्तेमाल का एक और तरीका है फॉर्म 26AS चेक करना. यह फॉर्म आपके नाम पर किए गए सभी हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन और टैक्स डिडक्शन की जानकारी देता है. आप इस इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट incometax.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं. अगर इसमें कोई ऐसा ट्रांजेक्शन दिखे जिसे आपने नहीं किया है तो यह PAN के दुरुपयोग का सबूत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराएं.
UIDAI की अपील को ना करें इग्नोर
आयकर विभाग समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह देता रहा है. विभाग ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति PAN या Aadhaar की जानकारी किसी अज्ञात वेबसाइट या ईमेल लिंक पर दर्ज न करें. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि PAN से जुड़ी सेवाएं केवल आधिकारिक वेबसाइट (incometax.gov.in) से ही ली जानी चाहिए.
UIDAI और वित्त मंत्रालय दोनों ने मिलकर लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी फेक SMS या ईमेल लिंक से दूर रहें, खासकर उन संदेशों से जो कहते हैं कि आपका PAN अपडेट करना जरूरी है.
PAN-Aadhaar लिंकिंग क्यों जरूरी?
सरकार ने PAN कार्ड को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है. इससे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि आसानी से हो जाती है और फर्जी PAN कार्ड जारी करने के मामलों में काफी कमी आई है. अगर आपका PAN अब तक आधार से लिंक नहीं है तो वह निष्क्रिय (Inactive) हो सकता है. इसलिए जल्द से जल्द लिंक कराना जरूरी है.
कानूनी प्रावधान क्या है?
अगर किसी व्यक्ति का PAN कार्ड गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है तो वह भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (प्रतिरूपण), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग) के तहत कानूनी कार्रवाई कर सकता है. साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है.
PAN कार्ड सुरक्षा के लिए जरूरी साइबर टिप्स
- किसी को भी PAN कार्ड की कॉपी देते समय उस पर डेट और सिग्नेचर जरूर करें.
- PAN की डिजिटल कॉपी को पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर में रखें.
- PAN या आधार से जुड़े काम के लिए सिर्फ सरकारी वेबसाइट का उपयोग करें.
- पब्लिक Wi-Fi या साइबर कैफे से कभी भी वित्तीय काम न करें.
- किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज में मांगी गई PAN डिटेल न दें.
FAQs
PAN कार्ड फ्रॉड तब होता है जब कोई व्यक्ति आपकी PAN जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, सिग्नेचर या PAN नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक अकाउंट खोलता है, लोन लेता है या टैक्स चोरी करता है. कई बार इसका पता तब चलता है जब टैक्स विभाग से नोटिस आता है या क्रेडिट स्कोर में बदलाव दिखता है.
1. CIBIL या अन्य क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट देखें. अगर उसमें कोई अनजान लोन या क्रेडिट कार्ड दिखे तो यह फ्रॉड है. 2. Form 26AS डाउनलोड करें. इसमें आपके नाम पर हुई सभी हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन की जानकारी होती है. अगर कोई ट्रांजेक्शन आपने नहीं किया, तो तुरंत सतर्क हो जाएं.
अगर आपके पैन कार्ड से धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है. सबसे पहले आयकर विभाग की हेल्पलाइन पर संपर्क करें और स्थिति की जानकारी दें. इसके बाद नजदीकी पुलिस थाने में FIR दर्ज कराएं ताकि मामला आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड हो सके. साथ ही, आप राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं. यदि धोखाधड़ी में आपके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल हुआ है, तो अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि संदिग्ध ट्रांजेक्शन को रोका जा सके.
PAN कार्ड से जुड़ी फ्रॉड की घटनाओं से बचने के लिए कुछ सावधानियां बेहद जरूरी हैं. सबसे पहले, किसी को भी पैन कार्ड की कॉपी देते समय उस पर डेट और सिग्नेचर जरूर करें ताकि उसका दोबारा इस्तेमाल न हो सके. इसके अलावा, PAN या आधार अपडेट करने के नाम पर आने वाले किसी भी फेक लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें. अपने फोन, लैपटॉप या ईमेल ड्राफ्ट में PAN कार्ड की फोटो या नंबर सेव न रखें. PAN से संबंधित किसी भी काम के लिए हमेशा आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें. साथ ही, हर तीन महीने में अपना CIBIL स्कोर और बैंक स्टेटमेंट जरूर जांचें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता चल सके.
सरकार ने PAN कार्ड को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति की पहचान सत्यापित की जा सके. इस कदम से फर्जी PAN कार्ड जारी करने या गलत इस्तेमाल के मामलों में काफी कमी आई है. हालांकि, केवल लिंकिंग से सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं होती. अगर आपका PAN अब तक आधार से लिंक नहीं है, तो वह निष्क्रिय भी हो सकता है. इसलिए PAN-Aadhaar लिंकिंग के साथ-साथ समय-समय पर अपनी वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करना जरूरी है.PAN कार्ड फ्रॉड क्या होता है?
कैसे पता लगाएं कि मेरे PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है या नहीं?
PAN कार्ड फ्रॉड की शिकायत कहां और कैसे करें?
PAN कार्ड को सुरक्षित रखने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
क्या PAN-Aadhaar लिंकिंग से फ्रॉड के मामले रुक जाएंगे?
ये भी पढ़ें-
राशन-पेंशन हो सकता है बंद! आधार में गलती है तो तुरंत करें ये काम, नहीं तो होगा भारी नुकसान











